भारत में जितनी तेजी से टू व्हीलर की मार्केट बनी, शायद ही उतनी तेजी से किसी और इंडस्ट्री की मार्केट बनी हो। एक से बढ़कर एक दोपहिया वाहनों ने देखते ही देखते क्रांति खड़ा कर दिया।

हालांकि तमाम दुपहिया वाहनों के बावजूद भी ऐसे वर्ग के पास कोई ऑप्शन नहीं था, जो दोपहिया वाहनों से अपने सामानों की ढुलाई करना चाहते थे।

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यह ऑप्शन आया 1980 में! जी हां काइनेटिक ग्रुप द्वारा मार्केट में आई यह गाड़ी ना केवल सामान ढोने वालों के लिए बेहतरीन ऑप्शन बनी, बल्कि साइकिल चालकों ने भी इसे हाथों-हाथ लिया। आप इसकी लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगा सकते हैं कि एक वक्त था जब यह बेहद पॉपुलर टू व्हीलर के रूप में सबसे ऊपर थी।

देखने में यह बाइक साधारण थी, लेकिन इसकी सफलता असाधारण थी।

चल मेरी लूना‘ की टैगलाइन आपने जरूर सुनी होगी। इसी टैगलाइन को आधार बनाकर आम भारतीयों को लूना (Luna Bike) बेचने की रणनीति सफल रही।

वैसे बता दें कि तब के समय की मशहूर अभिनेत्री शबाना आजमी, स्मिता पाटील इत्यादि ने लूना का एडवर्टाइजमेंट किया था। छात्रों में भी क्रिकेट मैचों के माध्यम से प्राइस डिस्ट्रीब्यूशन के माध्यम से लूना का प्रचार बड़े स्तर पर किया गया।

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वैसे आपको जानकर आश्चर्य होगा कि देसी-सी दिखने वाली यह बाइक मुख्य रूप से अमेरिका से भारत में आई थी। इसका इंजन मात्र 50 सीसी का था, जबकि अमेरिकी बाजारों में तो यह मात्र 35 सीसी के इंजन के साथ ही मार्केट में थी।

इसकी खास बात यह थी कि 1972 में इसकी लांचिंग के बाद से ही इस कंपनी की मार्केट सदाबहार बनी रही। इतना ही नहीं, इसका मेंटेनेंस का खर्चा भी बेहद कम था और इसीलिए उबड़-खाबड़ रास्ता हो या फिर सामान लेकर चढ़ाई करने की बात हो… लूना हर जगह सफल थी।

पहले इसमें पेडल स्टार्ट का ऑप्शन था, लेकिन बाद में इसमें सेल्फ स्टार्ट का ऑप्शन भी दिया गया।

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वर्ष 2000 में काइनेटिक ने लूना का उत्पादन बंद करके इसे महिंद्रा एंड महिंद्रा को बेच दिया था। बाद में 2015 में महिंद्रा एंड महिंद्रा ने इसे पुनः रजिस्टर कराया और लोगों में उम्मीद जगी कि लूना फिर से मार्केट में आएगी। हालांकि अभी तक इसका उत्पादन शुरू नहीं हुआ है।

हां! इसके बंद होने का सबसे ज्यादा फायदा टीवीएस (TVS) कंपनी को जरूर मिला, जिसने मोपेड बाजार पर एक्सएल (TVS, XL) के माध्यम से कब्जा करने की कोशिश की। व्यापारी वर्ग में भी इसे पसंद किया गया। हालांकि कई लोग कहते हैं कि जो मजा लूना में था वह मजा किसी और में कहां?

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